हरिवंश नारायण सिंह बने फिर राज्यसभा सांसद, प्रधानमंत्री मोदी ने बताया प्रेरणादायक व्यक्तित्व

हरिवंश नारायण सिंह बने फिर राज्यसभा सांसद, प्रधानमंत्री मोदी ने बताया प्रेरणादायक व्यक्तित्व

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नई दिल्ली, 10 अप्रैल (हि.ला.)। राज्यसभा में एक महत्वपूर्ण क्षण देखने को मिला जब हरिवंश नारायण सिंह ने सांसद पद की शपथ ली। इस अवसर पर सदन का माहौल गरिमामय रहा और कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी। खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री मोदी ने जमकर सराहना की और उनके योगदान को देश के लिए महत्वपूर्ण बताया।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हरिवंश नारायण सिंह ने संविधान के प्रति निष्ठा और देश की सेवा के लिए समर्पण की भावना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करेंगे। उनके शब्दों में सादगी और प्रतिबद्धता साफ झलक रही थी, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर हरिवंश नारायण सिंह की कार्यशैली और उनके अनुभव की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका संसदीय जीवन बेहद प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हरिवंश जी ने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों को प्राथमिकता दी है और निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हरिवंश नारायण सिंह का पत्रकारिता से लेकर राजनीति तक का सफर बेहद उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने समाज के विभिन्न मुद्दों को उठाने में हमेशा सक्रिय भूमिका निभाई है और उनकी सोच हमेशा सकारात्मक और जनहित में रही है।

सदन के अन्य सदस्यों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि उनका अनुभव और नेतृत्व संसद के कामकाज को और बेहतर बनाएगा। इस दौरान सदन में एक सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली और सभी ने मिलकर लोकतंत्र की मजबूती का संदेश दिया।

हरिवंश नारायण सिंह लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे हैं। उनकी पहचान एक सुलझे हुए और शांत स्वभाव के नेता के रूप में होती है। उन्होंने हमेशा संवाद और सहमति की राजनीति को बढ़ावा दिया है, जो आज के समय में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस शपथ ग्रहण के साथ ही राज्यसभा में उनकी नई पारी की शुरुआत हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका अनुभव और संतुलित दृष्टिकोण संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में मददगार साबित होगा।

कुल मिलाकर, यह अवसर न केवल एक औपचारिक प्रक्रिया थी, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं और मूल्यों का प्रतीक भी था। प्रधानमंत्री की सराहना ने इस मौके को और भी खास बना दिया और यह संकेत दिया कि हरिवंश नारायण सिंह आने वाले समय में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

 

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