हरियाणा सरकार जनस्वास्थ्य के मामलों में कोई समझौता नहीं करेगी : आरती सिंह राव

हरियाणा सरकार जनस्वास्थ्य के मामलों में कोई समझौता नहीं करेगी : आरती सिंह राव

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  • इमीडिएट रिलीज़ डोज़ेज फॉर्म में 100 मिलीग्राम से अधिक नाइमेसुलाइड वाली ओरल फ़ार्मूलेशन पर हरियाणा में भी लगाई रोक

धारूहेड़ा, 1 जनवरी (हि.ला.)। हरियाणा में मानव उपयोग के लिए इमीडिएट रिलीज़ डोज़ेज फ़ॉर्म में 100 मिलीग्राम से ज़्यादा निमेसुलाइड वाली सभी ओरल फ़ॉर्मूलेशन के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह जानकारी देते हुए राज्य की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य लोगों को संभावित दुष्प्रभावों से बचाना और यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में केवल सुरक्षित और प्रमाणित दवाओं का ही उपयोग हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य के मामलों में सरकार किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।

आरती सिंह राव ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से लोगों के हित और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि दवाओं का उद्देश्य रोगियों को राहत देना है, न कि उनके स्वास्थ्य को खतरे में डालना। जब वैज्ञानिक साक्ष्य किसी दवा से जोखिम की ओर संकेत करते हैं और सुरक्षित विकल्प मौजूद हों, तो सरकार का कर्तव्य है कि वह जनहित में ठोस निर्णय ले।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने दवा निर्माताओं, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, केमिस्टों और मेडिकल स्टोरों को इस प्रतिबंध का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही, नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था की गई है तथा उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से भी अपील की कि वे निर्धारित चिकित्सा दिशानिर्देशों के अनुसार सुरक्षित वैकल्पिक दवाओं का ही परामर्श दें और मरीजों को सही जानकारी प्रदान करें।

स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर ललित कुमार गोयल ने बताया कि प्रदेश ने जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार की उस अधिसूचना को राज्य में प्रभावी रूप से लागू कर दिया है, जिसके तहत इमीडिएट रिलीज़ डोज़ेज फॉर्म में 100 मिलीग्राम से अधिक नाइमेसुलाइड युक्त सभी ओरल फार्मुलेशन के निर्माण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाया गया है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने वैज्ञानिक तथ्यों के गहन मूल्यांकन और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से परामर्श के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि 100 मिलीग्राम से अधिक नाइमेसुलाइड वाली ओरल दवाएं मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं, जबकि इनके सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं। इसी के अनुरूप हरियाणा सरकार ने इस अधिसूचना को बिना विलंब लागू किया है।

केंद्र सरकार की अधिसूचना को तत्परता से लागू कर हरियाणा सरकार ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि वह वैज्ञानिक आधार पर निर्णय लेने और लोगों की सेहत की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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