
वृंदावन, 10 अप्रैल (हि.ला.)। उत्तर प्रदेश के वृंदावन में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी एक नाव अचानक पलट गई। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे और सभी श्रद्धालु यमुना नदी पार कर दूसरे घाट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने के कारण नाव अचानक डगमगाई और कुछ ही पलों में पलट गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई लोग नदी में गिरते ही बहाव में बह गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया। गोताखोरों की मदद से नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंचकर अभियान चला रही हैं। अब तक कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव पहले से ही अधिक भरी हुई थी और यात्रियों को लाइफ जैकेट जैसी कोई सुरक्षा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई थी। जैसे ही नाव बीच नदी में पहुंची, एक तरफ अधिक भार होने के कारण वह असंतुलित हो गई और देखते ही देखते पलट गई।
इस हादसे के बाद प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और अक्सर नियमों की अनदेखी कर नावों में जरूरत से ज्यादा लोगों को बैठा लिया जाता है।
मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, हादसे की जांच के आदेश भी दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस दुर्घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर से नदी परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियमों का पालन और नियमित निगरानी बेहद जरूरी है।
फिलहाल, बचाव कार्य जारी है और प्रशासन लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।