बिहार दौरे पर उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, मोतिहारी दीक्षांत समारोह में होंगे मुख्य अतिथि

बिहार दौरे पर उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, मोतिहारी दीक्षांत समारोह में होंगे मुख्य अतिथि

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नई दिल्ली, 4 अप्रैल (हि.ला.)। भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन 4 अप्रैल 2026 को बिहार के महत्वपूर्ण दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, राष्ट्र निर्माण और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों को सम्मान देना है। उपराष्ट्रपति का यह दौरा शैक्षणिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अपने बिहार प्रवास के दौरान उपराष्ट्रपति मोतिहारी स्थित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह विश्वविद्यालय पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में स्थित है और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। दीक्षांत समारोह किसी भी विश्वविद्यालय के लिए गर्व और उपलब्धि का प्रतीक होता है, क्योंकि इसी मंच पर छात्रों की वर्षों की मेहनत को सम्मान मिलता है और उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाता है।

उपराष्ट्रपति समारोह के दौरान स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों को डिग्री प्रदान करेंगे और उन्हें देश के उज्ज्वल भविष्य के रूप में आगे बढ़ने का संदेश देंगे। उम्मीद की जा रही है कि वे अपने संबोधन में युवाओं की भूमिका, शिक्षा का महत्व, नवाचार और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डालेंगे। उनके विचार विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होंगे और उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने में मदद करेंगे।

इस दौरे का दूसरा प्रमुख पड़ाव पश्चिम चंपारण में स्थित ऐतिहासिक भितिहरवा गांधी आश्रम होगा। यह वही स्थान है जहाँ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 1917 के चंपारण सत्याग्रह के दौरान ग्रामीणों के बीच रहकर शिक्षा और स्वच्छता के महत्व को बढ़ावा दिया था। भितिहरवा गांधी आश्रम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और आज भी यह स्थान गांधीवादी विचारों और मूल्यों का प्रतीक माना जाता है।

उपराष्ट्रपति का इस आश्रम का दौरा करना गांधी जी के आदर्शों और उनके योगदान को सम्मान देने का प्रतीक है। यह यात्रा देश के युवाओं और नागरिकों को स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से जोड़ने का एक प्रयास भी है। ऐसे ऐतिहासिक स्थलों पर उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन नेताओं की उपस्थिति देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना को मजबूत करती है।

बिहार हमेशा से शिक्षा, संस्कृति और इतिहास का केंद्र रहा है। नालंदा और विक्रमशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए आज राज्य आधुनिक शिक्षा संस्थानों के माध्यम से नई पहचान बना रहा है। उपराष्ट्रपति का यह दौरा इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार शिक्षा और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है।

यह दौरा न केवल छात्रों और शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक होगा, बल्कि पूरे राज्य के लिए गौरव का अवसर भी है। उपराष्ट्रपति की उपस्थिति से विश्वविद्यालय समुदाय में उत्साह का माहौल है और कार्यक्रम की तैयारियाँ जोरों पर हैं।

समग्र रूप से, उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन का यह बिहार दौरा शिक्षा, इतिहास और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह यात्रा युवाओं को प्रेरित करेगी कि वे ज्ञान, नैतिकता और देशभक्ति के मार्ग पर चलते हुए भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपना योगदान दें।

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