
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (हि.ला.)। अमित शाह ने संसद में जन विश्वास विधेयक, 2026 के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश में प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक भारत में आसान जीवन (Ease of Living) और आसान व्यापार (Ease of Business) को गति देने में मील का पत्थर साबित होगा।
अमित शाह ने कहा कि जन विश्वास विधेयक का उद्देश्य नागरिकों और उद्योग जगत के सामने आने वाली अनावश्यक कानूनी जटिलताओं को कम करना है। उन्होंने बताया कि इस विधेयक के माध्यम से कई पुराने और जटिल कानूनी प्रावधानों को सरल बनाया गया है, जिससे आम लोगों और उद्यमियों को अनावश्यक प्रक्रियाओं और बाधाओं से राहत मिलेगी। इससे प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-हितैषी बनेगी।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि लंबे समय से लोगों और व्यवसायों को छोटी-छोटी प्रक्रियात्मक त्रुटियों के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस विधेयक के लागू होने से ऐसे कई प्रावधानों को तर्कसंगत बनाया गया है, जिससे लोगों का समय, संसाधन और ऊर्जा बचेगी। इससे सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह विधेयक न केवल आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाएगा, बल्कि व्यापार करने के माहौल को भी अधिक सरल और अनुकूल बनाएगा। इससे उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब नियम सरल और पारदर्शी होते हैं, तो नवाचार और उद्योग को बढ़ावा मिलता है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
अमित शाह ने यह भी कहा कि यह पहल नरेन्द्र मोदी के ‘नए भारत’ के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है, जिसमें नागरिकों को अनावश्यक कानूनी जटिलताओं से मुक्ति मिले और व्यवसायों को तेजी से आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो।
उन्होंने विश्वास जताया कि जन विश्वास विधेयक नागरिकों के भरोसे को मजबूत करेगा, प्रशासनिक बोझ को कम करेगा और देश में एक बेहतर, अधिक पारदर्शी और निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करेगा। इससे आम लोगों का जीवन आसान होगा और भारत में व्यवसाय करना पहले से कहीं अधिक सरल और सुविधाजनक बनेगा।